
खबरों का राजा की खबर का बड़ा असर: आमागोहन पंचायत के सचिव राजेश कुमार उइके निलंबित
जीशान अंसारी की कलम से खबर की गहराई तक जाकर सच सामने लाते हैं हम
15वें वित्त की राशि में वित्तीय अनियमितता के मामले में जिला पंचायत की बड़ी कार्रवाई, जांच रिपोर्ट और जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन
कोटा/बिलासपुर।ग्राम पंचायत आमागोहन में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों और समाचारों के बाद अब मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला पंचायत बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा पंचायत सचिव राजेश कुमार उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा जारी आदेश दिनांक 03 सितंबर 2026 के अनुसार, पंचायत सचिव राजेश कुमार उइके के विरुद्ध ग्राम पंचायत आमागोहन में अनियमितताओं की शिकायत के आधार पर जनपद पंचायत कोटा द्वारा जांच कराई गई थी। जांच दल ने सचिव के विरुद्ध अनियमितताओं का जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

आदेश में उल्लेख है कि जांच के दौरान 15वें वित्त आयोग मद की राशि से स्थल पर बिना नाली निर्माण किए राशि आहरण कर वित्तीय अनियमितता किए जाने की बात सामने आई। इसके संबंध में सचिव को कारण बताओ सूचना पत्र भी जारी किया गया था।
सचिव द्वारा 20 जुलाई 2026 को अपना जवाब प्रस्तुत किया गया, लेकिन जिला पंचायत के आदेश में कहा गया है कि जवाब का अवलोकन एवं परीक्षण करने पर उसे संतोषप्रद एवं समाधानकारक नहीं पाया गया। आदेश के अनुसार, सचिव द्वारा अपने पद के कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति जानबूझकर लापरवाही बरतते हुए वित्तीय अनियमितता किए जाने का उल्लेख किया गया है।
इसी आधार पर पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3(1) तथा पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम 1999 के नियम 4 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए राजेश कुमार उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में जनपद पंचायत कोटा मुख्यालय रहेगा
जारी आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि में राजेश कुमार उइके का मुख्यालय जनपद पंचायत कोटा निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
इस कार्रवाई के बाद आमागोहन पंचायत में सामने आई शिकायतों और 15वें वित्त की राशि के उपयोग को लेकर चल रहे मामले में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लगातार शिकायतों और खबरों के बाद आया कार्रवाई का आदेश
आमागोहन पंचायत में पंचायत राशि और विकास कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। खबरों का राजा द्वारा भी इन मामलों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। अब जिला पंचायत द्वारा सचिव के निलंबन का आदेश जारी होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।
हालांकि, निलंबन प्रशासनिक कार्रवाई है और संबंधित वित्तीय अनियमितताओं के अंतिम तथ्य जांच एवं आगे की विभागीय प्रक्रिया से निर्धारित होंगे। आदेश की प्रति में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश भी दिए गए हैं।













